|| ऐसी बढ़िया चाट खिलाओ ||
(चटपटी बाल- कविता)भैया पत्ता इधर बढ़ाओ
गोल गप्पें सही खिलाओ
आटे वाले सूजी वाले
लाल कुरकुरे ज़रा उठाओ
खट्टी मीठी चटनी वाले
जो, जो चाहे, उसे खिलाओ
धनिया, ज़ीरा, मिर्च मसाले
ज़रा चटपटे और बनाओ
बारी-बारी देना सबको
नहीं किसी का नाम कटाओ
सी-सी कर सब माँगें पानी
ऐसी बढ़िया चाट खिलाओ
ख़ुश हो नई सहेली मेरी
तुम भी मूँछों में मुस्काओ ||
-लक्ष्मी खन्ना ' सुमन'
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Contributed by: Laxmi Khanna Suman in WaaS / 08 May 2015
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